शिवसेना नेता का बयान, बीजेपी चाहे तो तोड़ सकती है गठबंधन

शिवसेना और बीजेपी के बीच जो सीटों का बंटवारा हुआ है उसमें रामदास अठावले की पार्टी को बाहर रखा गया है. शिवसेना चाहती है बीजेपी अपने खाते से आरपीआई को सीट दे

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बीजेपी और शिवसेना के बीच आगामी लोकसभा चुनावों के लिए गठबंधन हुआ है. गठबंधन की खबरों ने मीडिया में भी खूब सुर्खियां बटोरी. इसका पहले कारण तो यह था कि, शिवसेना ने बीजेपी से गठबंधन न करने का ऐलान पहले ही कर दिया था. दूसरा शिवसेना सरकार में रहकर मोदी विरोधियों की भाषा बोल रही थी, जिससे बीजेपी की मुश्किले बढ़ रही थी. लेकिन अंत में बीजेपी और शिवसेना ने सब कुछ भूलाकर गठबंधन कर ही लिया.

बीजेपी और शिवसेना के बीच गठबंधन हुए अभी चंद घण्टे ही हुए है कि शिवसेना के नेताओं के ऐसे बयान आने लगे है जिससे बात बिगड़ सकती है. शिवसेना के नेता रामदास कदम ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा है कि,

इस बात पर सहमती बनी थी कि ढाई साल शिवसेना का मुख्यमंत्री रहेगा और ढ़ाई साल बीजेपी का मुख्यमंत्री रहेगा. लेकिन अब कुछ लोग ऐसा कह रहे है कि जिस पार्टी के ज्यादा विधायक है, सीएम भी उसी पार्टी का होगा. अगर बीजेपी को यह सही नहीं लगता तो वो गठबंधन तोड़ सकती है.


रामदास कदम का यह बयान बीजेपी के नेताओं को चिंता में डाल सकता है. शिवसेना और बीजेपी के बीच 2019 के लोकसभा चुवानों के लिए जो सहमती बनी है उसके मुताबिक बीजेपी महाराष्ट्र की 25 लोकसभा सीटों पर और शिवसेना 23 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. वही मौजूदा समय में 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना के पास 63 सीटें है जबकि बीजेपी के पास 122 सीटें हैं. वहीं सरकार बनाने के लिए 145 विधायकों का समर्थन होना चाहिए.

महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल अब ज्यादा दिनों का बचा नहीं है. अक्टूबर महीने में विधानसभा के चुनाव होने है, तो ऐसे में रामदास कदम का यह बयान, बीजेपी नेताओं पर दवाब बनाने के लिए दिया जा रह है, जानकारों का यहीं मानना है. इसका दूसरा वर्जन यह भी है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फण्डवीस एक बात हमेश से कहते रहे है कि बीजेपी महाराष्ट्र में बड़े भाई की भूमिका में रहेगी.

शिवसेना और बीजेपी के बीच जो सीटों का बंटवारा हुआ है उसमें रामदास अठावले की पार्टी को बाहर रखा गया है. रामदास आठवले रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इण्डिया(अठावले) के अध्यक्ष है. और अठावले ने भी दो लोकसभा सीट की मांग की है. रामदास अठावले जिस सीट की मांग कर रहे है, उसमें दक्षिण मध्य मुम्बई की सीट है. अठावले महाराष्ट्र के किसी दूसरे हिस्से में दूसरी सीट लेने को तैयार है. रामदास अठावले दलित वर्ग का प्रतिनिधित्व करते है.

शिवसेना चाहती है बीजेपी अपने खाते से आरपीआई को सीट दे. इसलिए शिवसेना के नेता रामदास कदम इस तरह का बयान दे रहें है. क्योंकि अगर ऐसा होता है तो फिर बीजेपी और शिवसेना बराबर सटों पर चुनाव लड़ेगें. और ऐसे में देवेंद्र फण्डवीस का बड़ा भाई बनने वाली बात, बात ही रह जाएगी.

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