पाकिस्तान में ताबड़तोड़ मंहगाई -मालदीव नेपाल से भी गंभीर हालात

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पाकिस्तान के आम लोग इन दिनों महंगाई की मार से जूझ रहे हैं. महंगाई ने यहां पिछले पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. नवंबर 2013 के बाद मुद्रास्फीति 9.41 पर पहुंच गई है.आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान की स्थिति आने वाले सालों में और भी बदतर होने वाली है। हालत यह है कि अगले 2 सालों में पाकिस्तान के हालात नेपाल और मालदीव से भी ज्यादा खराब होने वाले है.

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वही दूसरी तरफ एशियाई विकास बैंक ने कहा है कि पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर 2019 में सुस्त होकर 3.9% रहेगी। एडीबी ने ‘व्यापक आर्थिक चुनौतियों’ का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की वृद्धि दर हर वर्ष 2018 में 5.2 प्रतिशत से गिरकर 2019 में 3.9 प्रतिशत पर आ जाने का अनुमान है।

 

शियाई विकास परिदृश्य 2019 के अनुसार, कृत्रि क्षेत्र में सुधार के बावजूद 2018 में पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर धीमी पड़ गई है.इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान की विस्तारवादी राजकोषीय नीति ने बजट और चालू खाते के घाटे को व्यापक रूप से बढ़ाया और विदेशी मुद्रा का भारी नुकसान किया है। एडीबी ने कहा कि जब तक वृहद आर्थिक असंतुलन को कम नहीं किया जाता है तब तक वृद्धि के लिए परिदृश्य धीमा बना रहेगा, ऊंची मुद्रास्फीति रहेगी, मुद्रा पर दबाव बना रहेगा। उसे थोड़ा बहुत विदेशी मुद्रा भंडार भी बनाए रखने के लिये भारी मात्रा में बाहरी फंडिंग की जरूरत होगी।

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वही देखा जाए तो रविवार को पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल की कीमतें 6 रुपये तक बढ़ा दीं. पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 98.88 पाकिस्तानी रुपये हो गई है. पाकिस्तान की जनता महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से काफी परेशान है. इसके बावजूद सरकार ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में बिजली और गैस की कीमतें भी बढ़ सकती है।

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महंगाई दर का असर अर्थव्‍यवस्‍था पर दो तरह से होता है. अगर महंगाई दर बढ़ती है तो बाजार में वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं और लोगों की खरीदने की क्षमता कम हो जाती है. वहीं अगर महंगाई दर घटती है तो बाजार में वस्तुओं के दाम घट जाते और लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़ जाती है. महंगाई के बढ़ने और घटने का असर सरकार की नीतियों पर भी पड़ता है.

>>  पाकिस्तान का विदेशी पूंजी भंडार फिलहाल 8.5 अरब डॉलर है जो कि साल की शुरुआत से अच्छा है, लेकिन यह दो महीने के आयात के लिए काफी नहीं है.

>>   देश में मार्च के महीने में मंहगाई 9.4 प्रतिशत थी। जो कि 2013 के नवंबर के बाद से सबसे अधिक है. खाने-पीने की चीजों और बिजली की कीमत में बहुत वृद्धि हुई है जिससे लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं.

>> पाकिस्तान के सैंट्रल बैंक ने जून में खत्म हो रही 12 महीने की अवधि के दौरान जीडीपी विकास दर 3.5 से 4 फीसदी तक रहने का अनुमान जताया है

>>  अर्थशास्त्रियों का कहना है.कि पाकिस्तान में मंहगाई के कारण लोगों का जरूरत की चीजें खरीदना मुश्किल हो जाएगा।

>>  एशियाई विकास बैंक ने भी वित्तीय संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट के संकेत दिए हैं.

>> रिपोर्ट में आर्थिक चुनौतियों का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की जीडीपी विकास दर वित्त वर्ष 2018 में 5.2 प्रतिशत से गिरकर 2019 में 3.9 प्रतिशत पर आ जाने का अनुमान है.

 

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