सीबीआई, शिष्टाचार, या धोबी पछाड़, आखिर मोदी के लिए मन से मुलायम क्यों हुए नेताजी

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16वीं लोकसभा के कार्यकाल का आखिर दिन था. सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव खड़े हुए और बोलना शुरू किया. वयोवृद्ध अवस्था के मुलायम ने सभी सांसदो को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी सांसद दोबारा से जीतकर आए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कहा कि वो कामना करते है कि वो जीतकर आए और दोबारा से पीएम बने. सदन में मुलायम सिंह यादव के इस बयान ने महागठबंधन की कवायद कर रहे विपक्षी दलों के नेताओं को अचरज में डाल दिया.

मुलायम के बयान के कई वर्जन

मुलायम सिंह यादव के सदन में बयान को लेकर जानकारों के अपने अपने तर्क है. जानकार इसे कई मुद्दो से जोड़कर देख रहे है. कोई इसे सीबीआई से बचने के लिए दिया गया बयान बता रहा है, कोई इसे शिष्टाचार के अनुरूप दिया गया भाषण बता रहा है, तो कोई इसे अखिलेश के मुलायम का नाराजगी से जोड़कर देखा रहा है. वहीं कुछ लोग यह भी लिख रहे है कि नेता जी एक पहलवान है और वो कब मोदी को धोबी पछाड़ मार दे वो खुद मोदी नहीं जानते.

सीबीआई जांच से बचना 

दरअसल, मुलायम सिंह यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ती के मामले में सीबीआई की जांच चल रही है. जिसे 2005 से ही ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया था. मुसालय नहीं चाहते कि वो जांच दोबारा से शुरू की जाए. साथ ही जिस तरह अखिलेश यादव के खिलाफ सीबीआई अवैध खनन मामले में जांच कर रही है. मुलायम उससे भी परेशान है. मुलायम अपने बेटे का भला ही चाहते है. तो ऐसे में मुलायम के बयान को सीबीआई जांच के भी जोड़कर देखा जा रहा है.

शिष्टाचार स्वरूप दिया बयान

मुलायम सिंह यादव व्योवृद्ध अवस्था के है. तो ऐसे में मुलायस सिंह से शिष्टाचार स्वरूप कल्पना तो यही की जा सकती है कि वो सभी सांसदो को शुभकामनाएं दे. मुलायम सिंह यादव ने 15वीं लोकसभी के आखिरी कामकाजी दिन तब के सांसदो को भी इसी तरह शुभकामनाएं दी थी. तो ऐसे में कई राजनीतिक जानकार इस बात से सहमत हो सकते है कि उनका बयान शिष्टाचार ज्यादा है.

अपर्णा यादव ने कहा कि, उनके बयान के पीछे कोई कारण होगा. लेकिन यह बयान आशीर्वाद स्वरूव दिया गया बयान था.इसका किसी के चुनाव जीतने से कोई संबंध नहीं है.

सपा बसपा गठबंधन से नाराज मुलायम

इसका एक वर्जन और है. दलअसल, मुलायम सपा और बसपा के बीच किसी भी महागठबंधन के खिलाफ थे. लेकिन अखिलेश ने उनकी मर्जी के बगेर मायावती से हाथ मिलाया और बसपा के साथ मिलकर 2019 के चुनावों का लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया. और इसे पूरे घटनाक्रम में मुलायम सिंह यादव को एक तरह से साइड ही कर दिया था. जिसके बाद वो लगातार अखिलेश से नाराज चल रहे है. और सदन मे उनके द्वारा दिए गए इस बयान को जानकार इससे भी जोड़कर देख रहे है.

मुलायम का धोबी पछाड़

मुलायम सिंह यादव के बयान पर उनके पुत्र अखिलेश यादव ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं ही है. वहीं सोशल मीडिया में सपा के समर्थको द्वारा एक पोस्ट शेयर की जा रही है कि मुलायम एक पहलवान है. और कुश्ती में लड़ने से पहले पहलवान एक दूसरे को शुभकामनाएं देते है. और उसके बाद एक दूसरे को कुश्ती के दांव पेंच लगातर धूल भी चटा देते है.

 

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