अभिनन्दन को वतन लौटने के बाद गुजरना होगा कई मेडिकल टेस्ट और जांच से

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अभिनन्दन की वतन वापसी के बाद वायुसेना के अधिकारी उन्हें अपने साथ अमृतसर एयरपोर्ट लेकर जाएगी. अमृतसर एयरपोर्ट से अभिनन्दन को दिल्ली लाया जाएगा. जहां उनका मेडिकल टेस्ट होगा. पूरा देश शूरवीर की एक झलक देखना चाहता है लेकिन अभिनन्दन को मीडिया के सामने नहीं लाया जाएगा, न ही उनसे किसी तरह का कोई बयान दिलवाया जाएगा.

अभिनन्दन एक युद्द बंदी है. इसलिए पहले जिनेवा कन्वेंशन के तहत रेडक्रॉस सोसाइटी अभिनन्दन की जांच करेगी. रेडक्रॉस सोसाइटी इस बात की जांच करेगी कि क्या अभिनन्दन को किसी तरह का कोई ड्रग्स तो नहीं दिया गया है. या फिर उन्हें किसी तरह के प्रताड़ित तो नहीं किया गया है. जिनेवा कन्वेंशन के तरह रेडक्रॉस सोसाइटी इस बात के सबूत लेगी और उसके बाद अभिनन्दन को भारत के अधिकारियों को सुपुर्द किया जाएगा.

भारतीय वायु सेना के अधिकारियों के पास आने के बाद भारतीय वायु सेना अभिनन्दन के कई तरह के टेस्ट करेगी. साथ ही उनके शरीर की स्कैनिंग की जाएगी, की कहीं उनके शरीर पर कोई चिप तो नहीं लगाई गई है. भारतीय वायु सेना अभिनन्दन को अपने साथ अमृतसर एयरपोर्ट लेकर जाएगी. अमृतसर एयरपोर्ट से अभिनन्दन को दिल्ली लाया जाएगा. जहां उनका मेडिकल टेस्ट होगा.

मेडिकल टेस्ट होने के बाद अभिनन्दन को वायुसेना के मुख्यालय लेकर जाया जाएगा. जहां वायुसेना के प्रमुख अधिकारियों के साथ साथ रॉ, आईबी, सेना, गृह मंत्रालय, रक्षा विभाग के वरिष्ट अधिकारी की मौजूदगी में अभिनन्दन से पूछताछ होगी. अभिनन्दन की मेडिकल काउंसलिंग भी होगी. अभिनन्दन से पूछा जाएगा कि पाकिस्तान में उसके साथ क्या क्या हुआ, उससे किस तरह की पूछताछ हुई.

इसके बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसे सरकार को सौपा जाएगा. और अगर उसमें कुछ भी आपत्तिजनक हुआ तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश किया जाएगा. खबरे इस बात की भी है कि शानिवार देर शाम तक अभिनन्दन से रक्षा मंत्री और खुद पीएम मोदी मुलाकात करेंगे.

अभिनन्दन ने अपने अद्मय साहस का परिचय दिया. लेकिन उनके साथ भी उन्य युद्द बंदियों की तरह ही पूछताछ होगी. अगर सब कुछ सही रहा तो अभिनन्दन को ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए कहा जाएगा. लेकिन अभिनन्दन को किसी दूसरे काम में लगाया जाएगा. और ऐसे मामलों में देखे जाता है कि युद्द बंदियो को कभी भी सेना का अध्यक्ष नहीं बनाया जाता है. ऐसा पहले कई बार हो भी चुका है.

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