अभिनन्दन वतन वापसी – कहानी बताती है कि कभी गीदड़ शेर का शिकार नहीं करते

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पाकिस्तानी सेना के कब्जे में लिए जाने के बाद करीब 60 घण्टे बाद अभिनन्दन की वतन वापसी हुई है. अभिनन्दन अब सिर्फ भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर नहीं रहे, बल्कि वो अब एक शूरवीर हो चुके है. क्योंकि अभिनन्दन ने वो कर दिखाया है जो शायद ही कोई कर पाने की सोचे भी.

पाकिस्तानी सेना के F16 फाइटर जेट को मार गिराने के बाद पाकिस्तान सेना के हिरासत में लेने से लेकर भारत के वापस आने तक की 60 घंटे की कहानी है अभिनन्दन. पाकिस्तान भारत के शूरवीर अभिनन्दन की रिहाई को शांति बहाली के तरफ बढाया गया कदम बता रहा है. पाकिस्तान ने वाघा बार्डर पर देश-विदेश के मीडिया को बुलाकर यह दिखाने की कोशिश की है कि वो भारत के बातचीत करने के लिए तैयार है. और वो शांति चाहता है. लेकिन पूरा विश्व भारत के उस शूरवीर की शक्ल देखना चाहता है जिसने F16 जैसे फाइटर प्लेन को MIG बाइसन से मार गिराया है.

अगर आप समझना चाहते है कि अभिनन्दन ने F16 जैसे फाइटर प्लेन को MIG बाइसन से गिराकर कौन सा कमाल किया है. तो इसे ऐसे समझिए कि अभिनन्दन के पास हमारे यहां बनने वाला देशी कट्टा था. और उसने उस व्यक्ति को मार गिराया जिसके पास आटोमैटिक मशीन गम थी.

F16 जैसे प्लेन को मार गिराने के बाद, पाकिस्तान सीमा में पैराशूट से उतरने के बाद, अभिनन्दन कुछ गांव वालों के सामने थे. अभिनन्दन को कुछ ही देर में पीओके के गांव वालों ने घेर लिया. अभिनन्दन ने पूछा कि कौन से देश में है, किसी ने कहा भारत में. अभिनन्दन ने जय माता दी का नारा लगाया लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया. अभिनन्दन ने अपनी सूझबूझ से यह समझ लिया कि वो पाकिस्तान में है. जिसके बाद उन्होंने अपने पास के सारे सबूते को मिटा दिया. कुछ कागजो को उन्होंने खा लिए और कुछ को पास के ही तालाब में बहा दिया.

पाकिस्तान की आवाम ने अभिनन्दन को घेर लिया और उन्हें मारने लगे. अभिनन्दन के पास उनकी पिस्टल थी. लेकिन उन्होंने उसका इस्तेमाल नहीं किया. पाकिस्तान की सेना ने अभिनन्दन को गिरफ्तार कर लिया. जिसके बाद उनसे पूछताछ की गई. अभिनन्दन ने बस बही बताया जो उन्हें बताना चाहिए था. अभिनन्दन ने पाकिस्तान के अधिकारियों को कोई भी जानकारी नहीं दी.

अभिनन्दन को कब्जे में लेने के बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत सरकार पर दवाब बनाने की कोशिश की. लेकिन सरकार ने साफ कहा कि अभिनन्दन को लेकर कोई डील नहीं होगी. भारत सरकार ने साफ कहा कि अगर अभिनन्दन को कुछ भी हुआ को पाकिसतान को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा. भारत सरकार ने पाकिस्तान पर कूटनीतिक दवाब बनाया और पाकिस्तान को झूकने पर मजबूर कर दिया. अभिनन्दन सबसे कम समय में पाकिस्तान से भारत आने वाले जवान है. यानि अभिनन्दन सबसे कम समय के युद्दी बंदी है जिनकी रिहाई हुई है.

जब सारा देश भारत सरकार से मांग कर रहा था कि अभिनन्दन को वापस लाया जाए तब अभिनन्दन के माता पिता ने सरकार के ऐसी कोई मांग नहीं की. जैस जैसे समय बीत रहा था, देश वासियों के मन में अभिनन्दन को लेकर चिंता बढ़ रही थी. गुरूवार शाम चार बजे के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि वो अभिनन्दन को छोड़ देगें. अभिनन्दन के घरवालों को जैसे पता चला कि भारत का शूरवीर आ रहा है तो उन्होंने भी दिल्ली के फलाट ली. फलाइट में मौजूद लोगों ने अभिनन्दन के घरवालों का भारत को ऐसा सपूत देने के लिए अभिनन्दन किया.

पाकिस्तान ने अभिनन्दन की रिहाई को अपने प्रोपेगेंडा के तहत दिखाया है. उसने पूरे विदेशी मीडिया को वाघा बार्डर पर बुलाया और दिखाना चाहा कि उसने अभिनन्दन को शांति बहाली की तरफ कदम बढ़ाते हुए रिहा किया. लेकिन पूरा विश्व तो यह देखना चाहता था कि कैसे गीदड़ शेर को ज्यादा देर तक अपने काबू में नहीं रख सकते.

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