दिल्ली में शिक्षा क्रांति की सूत्रधार आतिशी मार्लेना

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आतिशी मार्लेना को पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव का टिकट दिया है. यह पहले से तय था कि आतिशी इस सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ेगीं. आतिशी वैसे तो पंजाब की रहने वाली है. लेकिन उनकी परवरिश और शिक्षा दिल्ली में हुई है. आतिशी ने दिल्ली के प्रतिष्ठित कालेज सेंट स्टीफंस के ग्रेजुएशन किया है.  वो दिल्ली युनिवरस्टी की टापर रही है. साथ ही उन्होंने रोड्स स्कॉलरशिप  लेकर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पोस्ट-ग्रेजुएट किया है. आपको बता दें, दुनिया के 14 देशों में से हर साल 83 रोड्स स्कॉलर्स का चयन किया जाता है.

अन्ना आंदोलन से जन्मी आम आदमी पार्टी के गठन का उद्देश्य राजनीति बदलने के लिए हुआ था. वो इसमें सफल हुई या राजनीति ने उन्हें बदल दिया, यह आप तय कीजिए. अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने विकास का कितना काम किया वो दिल्ली की जनता तय करेगी. लेकिन इस बात में किसी को कोई आपत्ती नहीं है कि दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के लिए जो पिछले चार साल में काम किया है.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बीते दिनों ही 2019-2020 के लिए 60 हजार करोड़ का बजट पेश किया था. जिसमें से लगभग 25 फीसदी शिक्षा क्षेत्र पर खर्च करने का ऐलान किया है. 2015 के बाद से दिल्ली सरकार ने अपने जितने भी बजट पेश किए है उसमें शिक्षा व्यवस्था पर सबसे ज्यादा खर्च किया गया है.

दिल्ली में सरकारी स्कूलों का जो कायाकल्प हुआ है उसका श्रेय आतिशी को ही जाता है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया भी आतिशी को ही शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का श्रेय देते है.

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पैंसेटस टीचर मीटिंग, सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए समर कैंप का आयोजन, हैप्पीनेस कोर्स, इन सब का श्रेय अतिशी को जाता है. शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो बीते साल जुलाई से नर्सरी से 8वीं तक के करीब 10 लाख बच्चों को हैप्पीनेस पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है. इसमें रोज हैप्पीनेस की 45 मिनट की एक अलग क्लास लगती है. और हर क्लास के पहले और बाद में 5 मिनट का साइंटिफिक मेडिटेशन कराया जाता है.

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आप सरकार के चार साल से अधिक के कार्यकाल में दिल्ली में स्कूलों को बुनियादी व्यवस्था को सुधारने का काम काफी तेजी से हुआ है. इस दौरान सरकार ने नए स्कूल का निर्माण भी कराया और नए क्लास रूम्स का निर्माण की किया.

मनीष सिसोदिया ने बीते दिनों दिल्ली विधानसभा में कहा था कि, जब 2015 में उनकी सरकार आई थी तब सरकारी स्कूलों में कुल 17 हजार टूटे-फूटे कमरे थे. अब शानदार 25 हजार कमरे हैं, जो इस साल के अंत तक 37 हजार हो जाएंगे.

नाम को लेकर हुआ था विवाद

आतिशी का उपनाम मार्लेना है जो उनके पिता ने उन्हें दिया है. दरअसल, आतिशी के पिता दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर है. आतिशी के पिता कम्यूनिस्ट विचारधारा से प्रेरित है. इसलिए उन्होंने मार्क्स और लेनिन को मिलाकर एक शब्द बनाया मार्लेना जिसे आतिशी के नाम से जोड़ दिया गया.

दिल्ली के लक्ष्मी नगर के एक कार्यक्रम में अरिवंद केजरीवाल ने ऐलान किया था कि आतिशी पूर्वी दिल्ली से लोकसभा का चुनाव लड़ेगी. इसके बाद आप के नेताओं को ऐसी रिपोर्ट मिलने लगी की आतिशी के उपनाम मार्लेना के कारण विरोधी दल उन्हें ईसाई बता रहा है. जिसके बाद आतिशी ने साल सोशल मीडिया पर अपने नाम से मार्लेना हटा लिया था. कहा गया कि ऐसा उन्होंने पार्टी के दवाब में किया था.

आतिशी मार्लेना जुलाई 2015 से लेकर अप्रेल 2017 तक शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की सलाहकार थी. और वो इस दौरान एक रुपये सैलरी लेती थी. अप्रेल 2017 में दिल्ली के एलजी ने उन्हें शिक्षा मंत्री के सलाहकार पद स हटा दिया था जिसको लेकर काफी विवाद भी हुआ था.

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