घाटी में हुआ सबसे बड़ा आतंकी हमला, बड़ा सवाल 42 मौतों का जिम्मेदार कौन

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पुलवामा में हुए आंतकी हमले में जाने गंवानों वालों कीं संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. अभी तक 42 जवानों के शहीद होने की खबर है. इस आंतकी हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली है. वहीं इस हमले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है. क्योंकि इस हमले से 7 दिन पहले ही खुफीया ऐंजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था कि आंतकी सुरक्षा बलों के जाने वाले रास्ते को निशाना बना सकते है.

आरओपी और लोकल इंटेलिजेंस का फेल्योर !

सीआरपीएफ के अधिकारियों की माने तो इस सीधे तौर पर रोड ओपनिंग पार्टी के फेल्योर की वजह से हुआ है. आपको बता दे, जब सुरक्षा बलों का कोई काफिला एक जगह से दूसरी जगह जाता है तो इसके लिए रोड ओपनिंग पार्टी आरओपी हरी झण्डी दिखाती है. साथ ही आरओपी की यह जिम्मेदारी होती है कि वो उस इलाकों को सुरक्षित रखे जहां से सुरक्षा बलों का काफिला गुजरता है.

अंवतिपोरा में जिस जगह पर हमला हुआ है, वहां से पहले भी आंतकी हमले की सूचना आती रही है. तो ऐसे में सवाल लोकल इंटेलिजेंस पर भी उठते है. क्योंकि आंतकी हमले के लिए पहले से ही खुफीया अल्रट भी था. फिर भी लोकल इंटेलिजेंस को जरा सी भनक नहीं लगी. इस पर सवाल खड़े होते है.

घाटी में सुरक्षा बलों पर सबसे बड़ा हमला

सुरक्षा बलों पर घाटी में हुआ यह अब तक का सबसे बड़ा आंतकी हमला बताया जा रहा है. यह बात निकलकर सामने आ रही है कि सीआरपीएफ के काफिले को रवाना करते वक्त लापरवाही बरती गई. वहीं सीआरपीएफ के अधिकारियों का यह भी कहना है कि आईईडी बलास्ट के इलावा विस्फोटक से भरी एक गाड़ी को भी सीआरपीएक के काफिले से ठकराया गया है. और इसके बाद आंतकियों की तरफ से गोलियां भी बरसाई गई है.

इस हमले की जांच एनआईए की 12 सदस्यीय टीम करेगी. जांच दल कल जम्मू कश्मीर जाएगा. साथ ही पीएम मोदी ने इस हमले को लेकर एनएसए अजित डोभाल से भी बात की है. अजित डोभाल पूरी घटना पर नजर बनाए हुए है.

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