जानिए ऐसी क्या बात हो गई कि ट्रंप ने पुतिन को धमका डाला

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रासायनिक हमलों की रिपोर्ट सामने आने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को असद सरकार को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी।
इसके जवाब में रूस ने कहा था कि सीरिया पर दागी गई मिसाइल के साथ दागने वालो को भी तबाह कर दिया जाएगा।

वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को ट्वीट कर रूस को चेतावनी दी। ट्रम्प ने कहा कि जल्द ही सीरिया में आधुनिका मिसाइल दागी जाएंगी और रूस इसके लिए तैयार हो जाए। दरअसल, रूस ने चेतावनी दी है कि सीरिया में अमेरिका की किसी भी तरह की कार्रवाई का माकूल जवाब दिया जाएगा। ट्रम्प ने इस बयान पर ही अपनी प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि असद सरकार पर आरोप है कि उसने ईस्टर्न घोउटा के डोउमा में लोगों पर रासायनिक हमला किया। ट्रम्प ने इस घटना पर गुस्सा जताते हुए सीरिया पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

शीत युद्ध के समय से भी खराब हैं हमारे रिश्ते
– एक और ट्वीट में ट्रम्प ने कहा, “अमेरिका और रूस के रिश्ते शीत युद्ध के दौर से भी बुरे हैं। इसकी कोई वजह नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस को अपनी इकोनॉमी सुधारने के लिए हमारी मदद की जरूरत है और ये काम बहुत आसान है। हम चाहते हैं कि सारे देश साथ काम करें।

जानवरों का साथ ना दे रूस
– ट्रम्प ने ट्वीट में कहा कि रूस को रासायनिक हमला करने वाले जानवर जो लोगों को मारने का मजा लेते हैं, उनका साथ नहीं देना चाहिए।

अमेरिका की चेतावनी पर रूस ने दी धमकी
– दरअसल, रविवार को भी डोनाल्ड ट्रम्प ने मासूम नागरिकों पर रासायनिक हमले का विरोध किया था। ट्रम्प ने असद सरकार को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी। इस पर रूस के एक सीनियर अफसर ने मंगलवार को कहा था कि सीरिया में दागी गईं अमेरिकी मिसाइलों को गिरा दिया जाएगा।
– वहीं, लेबनान स्थित रूसी राजदूत ने चेतावनी में कहा था कि अगर अमेरिका की तरफ से हमला किया गया तो मिसाइलों के साथ उसे भी तबाह कर दिया जाएगा।

सीरिया पर सोमवार को हुआ था हमला
– ट्रम्प की चेतावनी के बाद सोमवार सुबह ही सीरिया के एक एयरबेस पर 8 मिसाइलें दागी गईं थी, हालांकि अमेरिका ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। बाद में सीरिया और रूस सरकार ने हमले के पीछे इजरायल का हाथ बताया था।

सीरिया सेना ने शनिवार को बरसाए थे रासायनिक बम
– सीरिया के विपक्ष कार्यकर्ता और राहत-बचाव कर्मियों ने कहा था कि शनिवार को डोउमा शहर में हेलिकॉप्टर से मासूम नागरिकों पर जहरीली गैस ‘सरीन’ भरा बैरल बम गिराया गया। दावा किया गया था कि हमले में 75 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, साथ ही हजारों लोगों को सांस लेने में तकलीफ है। सीरिया-अमेरिकी मेडिकल सोसाइटी के मुताबिक, करीब 500 लोगों में रासायनिक हमले की चपेट में आने के लक्षण दिखे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मांगी घोउटा जाने की इजाजत
– विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को कहा कि सीरिया के डोउमा में करीब 500 लोगों में घातक रसायन की चपेट में आने के लक्षण दिखे हैं। संगठन ने सीरिया सरकार से बिना किसी रोकटोक के डोउमा जाने देने की अपील की है। बता दें कि सीरिया सरकार और रूस दोनों ही रासायनिक हमले की बात को नकार चुके हैं।

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