कांग्रेस ने लगाई यिदयुरप्पा की शपथ में ग्रहण: कांग्रेस जीडीएस की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

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कांग्रेस ने कहा कि राज्यपाल ने संविधान के रक्षक होने की बजाय भाजपा की कठपुतली की तरह काम किया

नई दिल्ली. कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला ने 104 सीटों वाले सबसे बड़े दल भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया है। बहुमत साबित करने के लिए भाजपा के पास 15 दिन का वक्त है। वहीं, राज्यपाल के फैसले के खिलाफ रात 11 बजे कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई और अर्जी दाखिल की। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने रात को ही इस पर सुनवाई का आग्रह किया। इसके बाद देर रात सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कांग्रेस-जेडीएस की अर्जी लेकर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के घर पहुंचे। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, चीफ जस्टिस इस मामले में सुनवाई पर रात 1:45 पर फैसला लेंगे।

कांग्रेस-जेडीएस के दावे के 4 घंटे बाद राज्यपाल का बीजेपी को न्योता

इससे पहले करीब शाम 5 बजे कांग्रेस-जेडीएस ने राज्यपाल से मुलाकात की और जरूरी बहुमत होने के दस्तावेज दिखाए और सरकार बनाने का दावा पेश किया था। हालांकि, इसके 4 घंटे बाद ही वजूभाई वाला ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए बुलाया। कर्नाटक भाजपा के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर किए गए ट्वीट में गुरुवार सुबह 9.00 बजे विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की बात कही थी। बता दें कि 1996 में जब देवेगौड़ा प्रधानमंत्री थे, तब उन्होंने गुजरात की सरकार भंग करने की सिफारिश राष्ट्रपति से की थी और उस वक्त वजूभाई वाला भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हुआ करते थे।

कांग्रेस-जेडीएस के 14 विधायक सदन से गैरहाजिर हो जाएं तो भाजपा के पास मौका

# कुल सीटें: 224

# 2 सीटों पर मतदान नहीं हुआ इसलिए कुल सीटें: 222

# एचडी कुमारस्वामी 2 सीटों से जीते इसलिए सदन में कुल विधायकों की संख्या: 221

# अगर 14 विधायक फ्लोर टेस्ट के दौरान सदन से गैरहाजिर हो जाएं तो विधायकों की संख्या: 207

# सदन में विधायकों की संख्या 207 होने पर बहुमत का आंकड़ा: 104

# बहुमत का आंकड़ा भाजपा के पास: 104

कांग्रेस-जेडीएस के पास क्या हैं विकल्प?

– जेडीएस-कांग्रेस को अपने सभी 116 विधायकों को एकजुट रखना होगा। कांग्रेस ने बुधवार देर शाम अपने सभी विधायकों को बेंगलुरु के पास इगलटन रिसॉर्ट में इकट्ठा भी कर लिया। सभी को एक बस में वहां ले जाया गया।

– जेडीएस और कांग्रेस गोवा में दिए फैसले के आधार पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती हैं।

भाजपा-कांग्रेस ने लगाए आरोप

हमें नसीहत ना दें राहुल-सोनिया- रविशंकर प्रसाद

– रविशंकर प्रसाद ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “जब किसी सरकार को बहुमत नहीं है तो किस को सरकार बनाने का मौका मिलेगा? ऐसे में राज्यपाल और राष्ट्रपति दोनों के पास विवेकाधिकार है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बंधन नहीं लगाया, बस इतना कहा है कि ये निर्बाधित नहीं होना चाहिए और उसकी एक मर्यादा होनी चाहिए। दरअसल, कांग्रेस कर्नाटक में सत्ता सुख का लोभ छोड़ नहीं पा रही है, ऐसा क्यों है आप भी समझ रहे हैं। जिस पार्टी ने खुद संविधान तोड़ा, देश में सबसे ज्यादा बार राष्ट्रपति शासन लगाया, वो हमें पाठ पढ़ा रही है। राहुल गांधी तो दो दिन से गायब हैं। राहुल अपनी विरासत की बात बहुत करते हैं। 1989 में जब लोकसभा का चुनाव हुआ था, तब वीपी सिंह पीएम बने थे। तब राजीव गांधीजी की सीटें वीपी सिंह से ज्यादा थीं। अगर राजीव चाहते तो सरकार का दावा कर सकते थे, लेकिन उन्होंने कहा कि मैंडेट हमारा नहीं है। क्या राहुल अपने पिता की परंपरा भूल गए? राहुल और सोनिया जब आप हमें देश की परंपरा सिखाती हैं, तब हम आपको परिवार की परंपरा सिखाते हैं। हमें शिक्षा देना बंद करें।”

मोदीजी और शाहजी ने प्रजातंत्र की हत्या कर डाली- रणदीप सुरजेवाला

– भाजपा को राज्यपाल के बुलावे के बाद कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “जेडीएस-कांग्रेस के पास 117 विधायकों का स्पष्ट बहुमत है। लेकिन, वजूभाई भाजपा के मुखौटे और उनका हुक्म बजाने वाले एक कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रहे हैं ना कि संविधान की सुरक्षा करने वाले के तौर पर। आज फिर श्री मोदीजी और शाह जी ने ना सिर्फ प्रजातंत्र की हत्या कर डाली। संविधान और कानून को अपने व्यक्तिगत और पार्टी के स्वार्थ के लिए पांव तले रौंद डाला। कर्नाटक की जनता और देश के लोग संविधान और कानून को रौंदने की इस प्रथा को स्वीकार नहीं करेंगे। इसकी सजा भाजपा को, गवर्नर वाला जी को, और भाजपा के बीएस येदियुरप्पा को जनता के जरिए जरूर मिलेगी।”

दिनभर चली सियासी कश्मकश

मीटिंग में नहीं पहुंचे जेडीएस के विधायक: बुधवार को जेडीएस की विधायक दल की बैठक में जेडीएस के 2 विधायक राजा वेंकटप्पा और वेंकट राव नहीं पहुंचे।

राज्यपाल से मिले येदियुरप्पा: भाजपा विधायक दल की बैठक में येदियुरप्पा को दल का मुखिया चुना गया। उन्होंने मीटिंग के बाद राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके प्रतिनिधिमंडल में प्रजनवंता पक्ष के विधायक आर शंकर भी दिखाई दिए।

कांग्रेस ने भाजपा विधायकों के समर्थन का दावा किया: कांग्रेस के एमबी पाटिल ने कहा कि भाजपा के 6 विधायक उनके संपर्क में हैं।

सुप्रीम कोर्ट भी जा सकती है कांग्रेस: सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल भाजपा को सरकार बनाने का मौका पहले देते हैं तो कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने गोवा के मामले में कहा था कि सबसे बड़े दल को ही मौका देना जरूरी नहीं है।

भाजपा पर खरीद-फरोख्त के आरोप लगे: जेडीएस चीफ एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि वे लोग (भाजपा नेता) पार्टी के विधायकों को 100-100 करोड़ रुपए का ऑफर दे रहे हैं। अगर वे हमारे 10 विधायक तोड़ेंगे, तो हम 20 छीन लेंगे। इससे पहले कांग्रेस के एक विधायक अमरेगौड़ा लिंगानागौड़ा पाटिल बाय्यापुर ने कहा कि भाजपा नेताओं ने उन्हें मंत्री पद का ऑफर दिया था।

शाम को राज्यपाल से मिलीं कांग्रेस-जेडीएस

– जेडीएस और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने शाम को राज्यपाल से मुलाकात की। इसके बाद कुमारस्वामी ने कहा कि हमने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। हमने राज्यपाल से कहा कि हमारे पास सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत है।

कुमारस्वामी ने कहा- ‘‘कर्नाटक में कोई मोदी लहर नहीं है। भाजपा की अश्वमेध यात्रा उत्तर से शुरू हुई, लेकिन कर्नाटक में हमने उसके घोड़े रोक दिए। ये जनादेश भाजपा की अश्वमेध यात्रा रोकने के लिए है। भूल जाइए कि ऑपरेशन कमल कामयाब होगा।’’


क्या है ऑपरेशन कमल?

– 2008 में भाजपा के पास बहुमत के लिए जरूरी 113 से 3 सीटें कम थीं। तब उसने ‘ऑपरेशन कमल’ चलाकर सरकार बना ली थी।
– कहा जाता है कि तब भाजपा ने दल-बदल कानून से बचने के लिए कांग्रेस के 3 और जेडीएस के 4 विधायकों को इस्तीफा देने के लिए राजी कर लिया था। उन्हें भाजपा के टिकट से दोबारा चुनाव लड़ाया गया। इनमें से 5 विधायक जीत गए। इस तरह भाजपा 110 से बढ़कर 115 सीटों पर पहुंच गई।

मौजूदा स्थिति : भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से 8 सीटें दूर

– राज्य में कुल सीटें 224 हैं। बहुमत के लिए 113 जरूरी।

– 2 सीटों पर मतदान बाकी है। इसलिए बहुमत का आंकड़ा 112 है।

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